किसान क्रेडिट कार्ड
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) किसानों को फसल उत्पादन, कटाई के बाद के खर्च और डेयरी व मत्स्य पालन जैसी संबद्ध गतिविधियों के लिए 3 लाख रुपये तक की अल्पकालिक क्रेडिट सुविधा सब्सिडी युक्त 4% ब्याज दर (समय पर भुगतान प्रोत्साहन सहित) पर देता है, जो किसी भी राष्ट्रीयकृत, सहकारी या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा जारी किया जाता है।
Required Documents
Step-by-Step Process
बैंक चुनें और KCC फॉर्म प्राप्त करें
किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, या सहकारी बैंक शाखा में जाएं (या बैंक की नेट बैंकिंग/PM-KISAN पोर्टल लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें) और KCC आवेदन पत्र प्राप्त करें।
फसल/भूमि विवरण के साथ आवेदन भरें
भूमि रिकॉर्ड, उगाई जाने वाली फसलें, फसल पैटर्न, और आपकी फसलों के लिए जिला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा तय वित्त पैमाने के आधार पर आवश्यक ऋण सीमा भरें।
दस्तावेज़ जमा करें और सत्यापन कराएं
पहचान, पता व भूमि दस्तावेज़ जमा करें; बैंक भूमि रिकॉर्ड सत्यापित करता है और आपकी क्रेडिट सीमा तय करने से पहले खेत का निरीक्षण भी कर सकता है।
स्वीकृति व कार्ड/एटीएम-सह-रुपे कार्ड जारी होना
स्वीकृति मिलने पर, बैंक सीमा स्वीकृत करता है और स्वीकृत क्रेडिट की एटीएम/पीओएस निकासी के लिए KCC के साथ रुपे डेबिट कार्ड जारी करता है।
ब्याज सब्सिडी बनाए रखने के लिए नियत तिथि तक भुगतान करें
2% ब्याज छूट व 3% समय पर भुगतान प्रोत्साहन बनाए रखने के लिए 12 महीने (या फसल चक्र) के भीतर निकाली गई राशि चुकाएं, जिससे प्रभावी ब्याज दर घटकर 4% प्रति वर्ष रह जाती है।
Pro Tips & Warnings
- ब्याज केवल आपके द्वारा वास्तव में निकाली गई राशि पर व उसके बकाया रहने के दिनों के लिए लगता है, पूरी स्वीकृत सीमा पर नहीं - इसलिए अप्रयुक्त सीमा पर कोई लागत नहीं है।
- नियत तिथि के भीतर समय पर भुगतान करने से ब्याज छूट व समय पर भुगतान प्रोत्साहन के माध्यम से प्रभावी ब्याज दर घटकर 4% प्रति वर्ष रह जाती है।
- KCC में अंतर्निहित व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर भी शामिल है और इसका उपयोग केवल फसल ऋण के लिए ही नहीं बल्कि डेयरी, कुक्कुट पालन व मत्स्य पालन जैसी संबद्ध गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता है।