पीएम फसल बीमा योजना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) अधिसूचित फसलों को प्राकृतिक आपदा, कीट व रोग से होने वाले उपज नुकसान से बीमित करती है, जिसमें किसान बीमित राशि का केवल 1.5-5% मामूली प्रीमियम चुकाते हैं जबकि शेष सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है, इसके लिए pmfby.gov.in या बैंकों के माध्यम से आवेदन किया जाता है।
Required Documents
Step-by-Step Process
अपने क्षेत्र के लिए अधिसूचित फसल व अंतिम तिथि जांचें
पुष्टि करें कि आपका जिला व अधिसूचित फसल मौसम (खरीफ/रबी) के लिए कवर है और नामांकन की अंतिम तिथि नोट करें, क्योंकि PMFBY ऋणी किसानों के लिए अनिवार्य है और अन्य के लिए वैकल्पिक।
ऑनलाइन या बैंक/CSC के माध्यम से नामांकन करें
ऋणी किसान ऋण वितरण के समय बैंक द्वारा स्वतः नामांकित होते हैं जब तक वे लिखित रूप में अस्वीकार न करें; गैर-ऋणी किसान pmfby.gov.in पर या बैंक/CSC पर भूमि व बुवाई विवरण के साथ आवेदन करते हैं।
सब्सिडी युक्त प्रीमियम का भुगतान करें
केवल अपने हिस्से का प्रीमियम चुकाएं - खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी फसलों के लिए 1.5%, और बागवानी/वाणिज्यिक फसलों के लिए 5% - शेष केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा सब्सिडी दी जाती है।
72 घंटे के भीतर फसल नुकसान की सूचना दें
स्थानीय आपदा (ओलावृष्टि, भूस्खलन, बाढ़) की स्थिति में, घटना के 72 घंटों के भीतर Crop Insurance ऐप, हेल्पलाइन, या बैंक/बीमा कंपनी के माध्यम से नुकसान की सूचना दें।
सत्यापन व दावा निपटान
नुकसान का आकलन Crop Cutting Experiments (CCE) या सैटेलाइट/ड्रोन आधारित उपज अनुमान से किया जाता है, और दावा राशि सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में जमा की जाती है।
Pro Tips & Warnings
- ऋणी किसान हर मौसम में स्वतः नामांकित होते हैं - यदि आप बीमित नहीं होना चाहते हैं तो अंतिम तिथि से कम से कम एक सप्ताह पहले बैंक को ऑप्ट-आउट फॉर्म जमा करें।
- स्थानीय फसल क्षति का फोटो/वीडियो प्रमाण रखें और तुरंत सूचना दें - 72 घंटों से अधिक देरी से रिपोर्टिंग करने पर दावा अस्वीकार हो सकता है।
- प्रीमियम दरें व बीमित राशि राज्य सरकार द्वारा प्रति फसल व जिले के अनुसार तय की जाती हैं - नामांकन से पहले pmfby.gov.in पर सटीक दर जांचें।