ट्रैक्टर सरकारी सब्सिडी
किसानों को ट्रैक्टर खरीद पर 20-50% सब्सिडी मिल सकती है (SC/ST, महिलाओं व छोटे/सीमांत किसानों के लिए अधिक), यह सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) के तहत दी जाती है, जिसके लिए agrimachinery.nic.in से जुड़े राज्य कृषि विभाग पोर्टल पर आवेदन किया जाता है।
Required Documents
Step-by-Step Process
पात्रता व सब्सिडी स्लैब जांचें
पुष्टि करें कि आपने पिछले 7-10 वर्षों में ट्रैक्टर सब्सिडी नहीं ली है (योजना की कूलिंग अवधि) और राज्य कृषि पोर्टल पर अपनी श्रेणी का सब्सिडी प्रतिशत जांचें (SC/ST/महिलाओं/छोटे किसानों के लिए अधिक)।
राज्य पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें
भूमि, आधार व बैंक विवरण के साथ अपने राज्य के कृषि मशीनीकरण पोर्टल (agrimachinery.nic.in से लिंक्ड) या DBT कृषि पोर्टल पर आवेदन करें, सूचीबद्ध निर्माताओं में से ट्रैक्टर मॉडल चुनें।
लकी ड्रॉ/पहले आओ-पहले पाओ चयन
कई राज्य जिले के वार्षिक लक्ष्य/बजट के मुकाबले कंप्यूटरीकृत लकी ड्रॉ या पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर लाभार्थियों का चयन करते हैं।
ट्रैक्टर खरीदें और बिल जमा करें
चयन के बाद अधिकृत डीलर से ट्रैक्टर खरीदें, और पोर्टल पर इनवॉइस, चेसिस/इंजन नंबर व डीलर की डिलीवरी रिपोर्ट अपलोड करें।
भौतिक सत्यापन व सब्सिडी जारी होना
कृषि विभाग का अधिकारी आपके परिसर में ट्रैक्टर का भौतिक सत्यापन करता है, जिसके बाद सब्सिडी राशि DBT के माध्यम से सीधे आपके बैंक खाते में जमा की जाती है।
Pro Tips & Warnings
- केवल अधिसूचित हॉर्सपावर (HP) रेंज के भीतर व राज्य में सूचीबद्ध निर्माताओं के ट्रैक्टर ही पात्र हैं - बुकिंग से पहले स्वीकृत सूची जांचें।
- एक ही किसान/परिवार द्वारा दो सब्सिडी दावों के बीच 7-10 वर्ष की कूलिंग अवधि लागू होती है, इसलिए आवेदन से पहले पिछली योजना उपयोग की जांच करें।
- सब्सिडी प्रतिशत राज्य व श्रेणी के अनुसार भिन्न होता है - महिलाओं, SC/ST व छोटे/सीमांत किसानों को आमतौर पर सामान्य श्रेणी के किसानों (20-25%) की तुलना में अधिक सब्सिडी (50% तक) मिलती है।