स्टाम्प शुल्क गणना

SHCIL के ई-स्टाम्पिंग पोर्टल या अपने राज्य के पंजीकरण विभाग के माध्यम से अपने संपत्ति बिक्री, उपहार, या पट्टा विलेख के पंजीकरण हेतु स्टाम्प शुल्क की गणना करें और भुगतान करें, दरें आमतौर पर राज्य के अनुसार संपत्ति मूल्य का 3-10% होती हैं।

⚡ Open the interactive step tracker & chat assistant → 🔗 Visit the official government portal →

Required Documents

संपत्ति मूल्य सहित बिक्री विलेख/समझौते का प्रारूप
संपत्ति का बाजार/सर्किल रेट मूल्यांकन
खरीदार और विक्रेता दोनों का पैन कार्ड

Step-by-Step Process

1

लागू स्टाम्प शुल्क दर निर्धारित करें

दरें राज्य के अनुसार भिन्न होती हैं - महाराष्ट्र में लगभग 6%, दिल्ली में 4-6%, और कर्नाटक में 5% - और मालिक के लिंग तथा शहरी/ग्रामीण स्थान के अनुसार भी भिन्न हो सकती हैं।

2

अधिक मूल्य पर शुल्क की गणना करें

स्टाम्प शुल्क के लिए कर योग्य आधार के रूप में राज्य के रेडी रेकनर/सर्किल रेट या वास्तविक लेनदेन मूल्य, जो भी अधिक हो, का उपयोग करें।

3

ई-स्टाम्प प्रमाण पत्र जनरेट करें

अपना ई-स्टाम्प प्रमाण पत्र जनरेट करने के लिए SHCIL पोर्टल या अधिकृत संग्रह केंद्र/वेंडर के माध्यम से गणना किए गए शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।

4

पंजीकरण शुल्क का भुगतान करें

उप-पंजीयक कार्यालय में अलग से पंजीकरण शुल्क का भुगतान करें, जो आमतौर पर संपत्ति मूल्य का लगभग 1% होता है।

5

अपॉइंटमेंट बुक करें और विलेख पंजीकृत कराएं

उप-पंजीयक कार्यालय में स्लॉट बुक करें और बायोमेट्रिक सत्यापन तथा विलेख पंजीकरण के लिए खरीदार, विक्रेता, और दो गवाहों के साथ उपस्थित हों।

Pro Tips & Warnings